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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1569

नंबर 1569किताब 9, नंबर 14
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ الْوَاسِطِيُّ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ بْنُ حُسَيْنٍ، بِإِسْنَادِهِ وَمَعْنَاهُ قَالَ ‏ "‏ فَإِنْ لَمْ تَكُنِ ابْنَةُ مَخَاضٍ فَابْنُ لَبُونٍ ‏"‏ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ كَلاَمَ الزُّهْرِيِّ ‏.‏
Therefore said tradition has also been transmitted by Sufyan bin Husain through a different chain of narrators and to the same effect. This version adds “If there is no she Camel in her second year, a she Camel in her third year is to be given.” This does not mention the words of Al Zuhri
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Zakat (Kitab Al-Zakat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।