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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1546

नंबर 1546किताब 8, नंबर 131
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، حَدَّثَنَا ضُبَارَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي السَّلِيكِ، عَنْ دُوَيْدِ بْنِ نَافِعٍ، حَدَّثَنَا أَبُو صَالِحٍ السَّمَّانُ، قَالَ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَدْعُو يَقُولُ ‏ "‏ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الشِّقَاقِ وَالنِّفَاقِ وَسُوءِ الأَخْلاَقِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Messenger of Allah (ﷺ) used to supplicate by saying: "O Allah, I seek refuge in Thee from divisiveness, hypocrisy, and evil character
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।