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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1541

नंबर 1541किताब 8, नंबर 126
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، - قَالَ سَعِيدٌ الزُّهْرِيُّ - عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي عَمْرٍو، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كُنْتُ أَخْدُمُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَكُنْتُ أَسْمَعُهُ كَثِيرًا يَقُولُ ‏ "‏ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ وَضَلْعِ الدَّيْنِ وَغَلَبَةِ الرِّجَالِ ‏"‏ ‏.‏ وَذَكَرَ بَعْضَ مَا ذَكَرَهُ التَّيْمِيُّ ‏.‏
Anas b. Malik said:I used to serve the Prophet (ﷺ) and often hear him say: "O Allah, I seek refuge in You from grief and anxiety, from the hardships of debt, and from being overpowered by men
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (6369)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।