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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1533

नंबर 1533किताब 8, नंबर 118
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنِ الأَسْوَدِ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ نُبَيْحٍ الْعَنَزِيِّ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ امْرَأَةً، قَالَتْ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم صَلِّ عَلَىَّ وَعَلَى زَوْجِي ‏.‏ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْكِ وَعَلَى زَوْجِكِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: A woman said to the Prophet (ﷺ): Invoke blessing on me as well as on my husband. The Prophet (ﷺ) said: May Allah send blessing on you and your husband
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।