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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1518

नंबर 1518किताब 8, नंबर 103
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا الْحَكَمُ بْنُ مُصْعَبٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَلِيِّ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ حَدَّثَهُ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّهُ حَدَّثَهُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ لَزِمَ الاِسْتِغْفَارَ جَعَلَ اللَّهُ لَهُ مِنْ كُلِّ ضِيقٍ مَخْرَجًا وَمِنْ كُلِّ هَمٍّ فَرَجًا وَرَزَقَهُ مِنْ حَيْثُ لاَ يَحْتَسِبُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Prophet (ﷺ) said: If anyone continually asks pardon, Allah will appoint for him a way out of every distress, and a relief from every anxiety, and will provide for him from where he did not reckon
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।