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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1516

नंबर 1516किताब 8, नंबर 101
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ مَالِكِ بْنِ مِغْوَلٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سُوقَةَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ إِنْ كُنَّا لَنَعُدُّ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الْمَجْلِسِ الْوَاحِدِ مِائَةَ مَرَّةٍ ‏ "‏ رَبِّ اغْفِرْ لِي وَتُبْ عَلَىَّ إِنَّكَ أَنْتَ التَّوَّابُ الرَّحِيمُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Umar: We counted that the Messenger of Allah (ﷺ) would say a hundred times during a meeting: "My Lord, forgive me and pardon me; Thou art the Pardoning and forgiving One
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।