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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1514

नंबर 1514किताब 8, नंबर 99
حَدَّثَنَا النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا مَخْلَدُ بْنُ يَزِيدَ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ وَاقِدٍ الْعُمَرِيُّ، عَنْ أَبِي نُصَيْرَةَ، عَنْ مَوْلًى، لأَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَا أَصَرَّ مَنِ اسْتَغْفَرَ وَإِنْ عَادَ فِي الْيَوْمِ سَبْعِينَ مَرَّةً ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuBakr as-Siddiq: The Prophet (ﷺ) said: He who asks pardon is not a confirmed sinner, even if he returns to his sin seventy times a day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।