حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ، قَالَ مَرَّ عَلَىَّ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَأَنَا أَدْعُو بِأُصْبُعَىَّ فَقَالَ " أَحِّدْ أَحِّدْ " . وَأَشَارَ بِالسَّبَّابَةِ .
Narrated Sa'd ibn AbuWaqqas: The Prophet (ﷺ) passed by me while I was supplicating by pointing with two fingers of mine. He said: Point with one finger; point with one finger. He then himself pointed with the forefinger
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
SahihShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।