सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 1490

नंबर 1490किताब 8, नंबर 75
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنِي عَبَّاسُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَعْبَدِ بْنِ عَبَّاسٍ، بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ فِيهِ وَالاِبْتِهَالُ هَكَذَا وَرَفَعَ يَدَيْهِ وَجَعَلَ ظُهُورَهُمَا مِمَّا يَلِي وَجْهَهُ ‏.‏
In another version Ibn 'Abbas said:Earnest supplication should be made like this: he raised his hand and made his palms in the direction of his face
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih MuqufShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।