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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1474

नंबर 1474किताब 8, नंबर 59
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي زِيَادٍ، عَنْ عِيسَى بْنِ فَائِدٍ، عَنْ سَعْدِ بْنِ عُبَادَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَا مِنِ امْرِئٍ يَقْرَأُ الْقُرْآنَ يَنْسَاهُ إِلاَّ لَقِيَ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ يَوْمَ الْقِيَامَةِ أَجْذَمَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Sa'd ibn Ubadah: The Prophet (ﷺ) said: No man recites the Qur'an, then forgets it, but will meet Allah on the Day of Judgment in a maimed condition (or empty-handed, or with no excuse)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।