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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1457

नंबर 1457किताब 8, नंबर 42
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ أَبِي شُعَيْبٍ الْحَرَّانِيُّ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ، عَنِ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ ‏{‏ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ ‏}‏ أُمُّ الْقُرْآنِ وَأُمُّ الْكِتَابِ وَالسَّبْعُ الْمَثَانِي ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying:All praise be to Allah, the Lord of the Universe" (1) is the epitome or basis of the Qur'an, the epitome or basis of the Book, and the seven oft-repeated verses
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (4704)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।