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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1421

नंबर 1421किताब 8, नंबर 6
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَقِيقٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَجُلاً، مِنْ أَهْلِ الْبَادِيَةِ سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَنْ صَلاَةِ اللَّيْلِ فَقَالَ بِأُصْبُعَيْهِ هَكَذَا مَثْنَى مَثْنَى وَالْوِتْرُ رَكْعَةٌ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ ‏.‏
Ibn 'Umar said:A man who lived in the desert asked the Messenger of Allah (ﷺ) about the prayer at night. He made a sign with his two fingers-in this way in pairs. The witr consists of one rak'ah towards the end in night
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (749)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।