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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1394

नंबर 1394किताब 6, नंबर 24
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمِنْهَالِ، أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، أَخْبَرَنَا سَعِيدٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي الْعَلاَءِ، يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الشِّخِّيرِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، - يَعْنِي ابْنَ عَمْرٍو - قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَفْقَهُ مَنْ قَرَأَ الْقُرْآنَ فِي أَقَلَّ مِنْ ثَلاَثٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: The Prophet (ﷺ) said: He who recites the Qur'an in a period less than three days does not understand it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Ramadan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।