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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1384

नंबर 1384किताब 6, नंबर 14
حَدَّثَنَا حَكِيمُ بْنُ سَيْفٍ الرَّقِّيُّ، أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، - يَعْنِي ابْنَ عَمْرٍو - عَنْ زَيْدٍ، - يَعْنِي ابْنَ أَبِي أُنَيْسَةَ - عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، قَالَ قَالَ لَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اطْلُبُوهَا لَيْلَةَ سَبْعَ عَشْرَةَ مِنْ رَمَضَانَ وَلَيْلَةَ إِحْدَى وَعِشْرِينَ وَلَيْلَةَ ثَلاَثٍ وَعِشْرِينَ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ سَكَتَ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Mas'ud: The Messenger of Allah (ﷺ) said to us: Seek it (laylat al-Qadr) on the seventeenth night of Ramadan, and on the twenty first night, and on the twenty-third night. He then kept silence
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Injunctions about Ramadan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।