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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1327

नंबर 1327किताब 5, नंबर 78
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ الْوَرْكَانِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي الزِّنَادِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي عَمْرٍو، مَوْلَى الْمُطَّلِبِ عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ ‏:‏ كَانَتْ قِرَاءَةُ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم عَلَى قَدْرِ مَا يَسْمَعُهُ مَنْ فِي الْحُجْرَةِ وَهُوَ فِي الْبَيْتِ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Prophet's (ﷺ) recitation was loud enough for one who was in the inner chamber to hear it when he was in the house
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Prayer (Kitab Al-Salat): Voluntary Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।