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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1325

नंबर 1325किताब 5, नंबर 76
حَدَّثَنَا ابْنُ حَنْبَلٍ، - يَعْنِي أَحْمَدَ - حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي عُثْمَانُ بْنُ أَبِي سُلَيْمَانَ، عَنْ عَلِيٍّ الأَزْدِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حُبْشِيٍّ الْخَثْعَمِيِّ، ‏:‏ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سُئِلَ أَىُّ الأَعْمَالِ أَفْضَلُ قَالَ ‏:‏ ‏ "‏ طُولُ الْقِيَامِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Habashi al-Khath'ami: The Prophet (ﷺ) was asked: which is the best action? He replied: To stand in prayer for a long time
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Prayer (Kitab Al-Salat): Voluntary Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।