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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1323

नंबर 1323किताब 5, नंबर 74
حَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ نَافِعٍ أَبُو تَوْبَةَ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَيَّانَ، عَنْ هِشَامِ بْنِ حَسَّانَ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏:‏ ‏ "‏ إِذَا قَامَ أَحَدُكُمْ مِنَ اللَّيْلِ فَلْيُصَلِّ رَكْعَتَيْنِ خَفِيفَتَيْنِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:The Messenger of Allah (ﷺ) as saying: When one of you gets up at night, he should begin the prayer with two short rak'ahs
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih MuqufShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (768)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Prayer (Kitab Al-Salat): Voluntary Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।