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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1307

नंबर 1307किताब 5, नंबर 58
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ خُمَيْرٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي قَيْسٍ، يَقُولُ قَالَتْ عَائِشَةُ رضى الله عنها لاَ تَدَعْ قِيَامَ اللَّيْلِ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ لاَ يَدَعُهُ وَكَانَ إِذَا مَرِضَ أَوْ كَسِلَ صَلَّى قَاعِدًا ‏.‏
Narrated Aisha, Ummul Mu'minin: Do not give up prayer at night, for the Messenger of Allah (ﷺ) would not leave it. Whenever he fell ill or lethargic, he would offer it sitting
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Prayer (Kitab Al-Salat): Voluntary Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।