सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 5258

नंबर 5258किताब 43, नंबर 486
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، بِهَذَا الْحَدِيثِ مُخْتَصَرًا قَالَ ‏ "‏ فَلْيُؤْذِنْهُ ثَلاَثًا فَإِنْ بَدَا لَهُ بَعْدُ فَلْيَقْتُلْهُ فَإِنَّهُ شَيْطَانٌ ‏"‏ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Ibn 'Ajilan through a different chain of narrators briefly. This version has:He should give it a warning three times. If it appears to him after that, he should kill it, for it is a devil
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2236)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।