सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 5255

नंबर 5255किताब 43, नंबर 483
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، وَأَحْمَدُ بْنُ سَعِيدٍ الْهَمْدَانِيُّ، قَالاَ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أُسَامَةُ، عَنْ نَافِعٍ، فِي هَذَا الْحَدِيثِ قَالَ نَافِعٌ ثُمَّ رَأَيْتُهَا بَعْدُ فِي بَيْتِهِ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Nafi through a different chain of transmitters. In this version Nafi said:After that I saw it again in his house
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan IsnaadAl-Albani
  • Hasan IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2233)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।