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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5226

नंबर 5226किताब 43, नंबर 454
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُسْلِمٌ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ حَمَّادٍ، - يَعْنِيَانِ ابْنَ أَبِي سُلَيْمَانَ - عَنْ زَيْدِ بْنِ وَهْبٍ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا أَبَا ذَرٍّ ‏"‏ ‏.‏ فَقُلْتُ لَبَّيْكَ وَسَعْدَيْكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَأَنَا فِدَاؤُكَ ‏.‏
Narrated AbuDharr: The Prophet (ﷺ) addressed me, saying: O AbuDharr! I replied: At thy service and at thy pleasure, Messenger of Allah! may I be ransom for thee
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।