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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5223

नंबर 5223किताब 43, नंबर 451
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي زِيَادٍ، أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَبِي لَيْلَى، حَدَّثَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ حَدَّثَهُ وَذَكَرَ، قِصَّةً قَالَ فَدَنَوْنَا - يَعْنِي - مِنَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَبَّلْنَا يَدَهُ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Umar: Ibn Umar told a story and said: We then came near the Prophet (ﷺ) and kissed his hand
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।