सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 5208

नंबर 5208किताब 43, नंबर 436
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، وَمُسَدَّدٌ، قَالاَ حَدَّثَنَا بِشْرٌ، - يَعْنِيَانِ ابْنَ الْمُفَضَّلِ - عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، عَنِ الْمَقْبُرِيِّ، - قَالَ مُسَدَّدٌ سَعِيدُ بْنُ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيُّ - عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا انْتَهَى أَحَدُكُمْ إِلَى الْمَجْلِسِ فَلْيُسَلِّمْ فَإِذَا أَرَادَ أَنْ يَقُومَ فَلْيُسَلِّمْ فَلَيْسَتِ الأُولَى بِأَحَقَّ مِنَ الآخِرَةِ ‏"‏ ‏.‏
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जब तुममें से कोई सभा में आए, तो सलाम करे और जब सभा से निकलना चाहे तो सलाम करे, क्योंकि पहला सलाम दूसरे से अधिक हक़दार नहीं है।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।