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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5179

नंबर 5179किताब 43, नंबर 407
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ رِبْعِيٍّ، عَنْ رَجُلٍ، مِنْ بَنِي عَامِرٍ أَنَّهُ اسْتَأْذَنَ عَلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَاهُ ‏.‏ قَالَ فَسَمِعْتُهُ فَقُلْتُ السَّلاَمُ عَلَيْكُمْ أَأَدْخُلُ
Rib’i said that a man of Banu Amir told him that he asked permission of the prophet (May peace be upon him) to enter the house. He related the tradition to the same effect, saying :I heard it and so I said: Peace be upon you. May I enter?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।