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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5173

नंबर 5173किताब 43, नंबर 401
حَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْمُؤَذِّنُ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ، - يَعْنِي ابْنَ بِلاَلٍ - عَنْ كَثِيرٍ، عَنْ وَلِيدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا دَخَلَ الْبَصَرُ فَلاَ إِذْنَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: When one has a look into the house, then there is no (need of) permission
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।