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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5160

नंबर 5160किताब 43, नंबर 388
حَدَّثَنَا أَبُو كَامِلٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، عَنِ الأَعْمَشِ، بِإِسْنَادِهِ وَمَعْنَاهُ نَحْوَهُ قَالَ كُنْتُ أَضْرِبُ غُلاَمًا لِي أَسْوَدَ بِالسَّوْطِ وَلَمْ يَذْكُرْ أَمْرَ الْعِتْقِ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by al-A’mash in a similar way to same way to the same effect through a different chain of narrators
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।