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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5150

नंबर 5150किताब 43, नंबर 378
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ بْنِ سُفْيَانَ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، - يَعْنِي ابْنَ أَبِي حَازِمٍ - قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ سَهْلٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَنَا وَكَافِلُ الْيَتِيمِ كَهَاتَيْنِ فِي الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏ وَقَرَنَ بَيْنَ أُصْبُعَيْهِ الْوُسْطَى وَالَّتِي تَلِي الإِبْهَامَ ‏.‏
Sahl (b. Sa’d) reported the prophet (May peace be upon him) as saying; I and the one who takes the responsibility of an orphan will be in Paradise thus, and he joined his middle finger and forefinger
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (6005)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।