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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5135

नंबर 5135किताब 43, नंबर 363
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، حَدَّثَنَا الْمُعَلَّى بْنُ مَنْصُورٍ، أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، عَنِ ابْنِ الْعَلاَءِ، عَنِ الْعَلاَءِ، - يَعْنِي ابْنَ الْحَضْرَمِيِّ - أَنَّهُ كَتَبَ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَبَدَأَ بِاسْمِهِ ‏.‏
Ibn al-Ala said :Al-Ala b. al-Hadrami wrote to the prophet (May peace be upon him), and he began with his name
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।