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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5117

नंबर 5117किताब 43, नंबर 345
حَدَّثَنَا النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا سِمَاكُ بْنُ حَرْبٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ مَنْ نَصَرَ قَوْمَهُ عَلَى غَيْرِ الْحَقِّ فَهُوَ كَالْبَعِيرِ الَّذِي رُدِّيَ فَهُوَ يُنْزَعُ بِذَنَبِهِ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Mas'ud: If anyone helps his people in an unrighteous cause, he is like a camel which falls into a well and is pulled out by its tail
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • Sahih MuqufMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।