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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5099

नंबर 5099किताब 43, नंबर 327
حَدَّثَنَا ابْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا رَأَى نَاشِئًا فِي أُفُقِ السَّمَاءِ تَرَكَ الْعَمَلَ وَإِنْ كَانَ فِي صَلاَةٍ ثُمَّ يَقُولُ ‏"‏ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا ‏"‏ ‏.‏ فَإِنْ مُطِرَ قَالَ ‏"‏ اللَّهُمَّ صَيِّبًا هَنِيئًا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Aisha, Ummul Mu'minin: When the Prophet (ﷺ) saw a cloud formation in the sky, he left work, even if he were at prayer, and then would say: "O Allah! I seek refuge in Thee from its evil. " If it rained, he would say: "O Allah! send a beneficial downpour
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।