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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5057

नंबर 5057किताब 43, नंबर 285
حَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ الْفَضْلِ الْحَّرَّانِيُّ، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، عَنْ بَحِيرٍ، عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ، عَنِ ابْنِ أَبِي بِلاَلٍ، عَنْ عِرْبَاضِ بْنِ سَارِيَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَقْرَأُ الْمُسَبِّحَاتِ قَبْلَ أَنْ يَرْقُدَ وَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ فِيهِنَّ آيَةً أَفْضَلُ مِنْ أَلْفِ آيَةٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Irbad ibn Sariyah: The Messenger of Allah (ﷺ) used to recite al-Musabbihat before going to sleep, and say: They contain a verse which is better than a thousand verses
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।