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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5055

नंबर 5055किताब 43, नंबर 283
حَدَّثَنَا النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، عَنْ فَرْوَةَ بْنِ نَوْفَلٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ لِنَوْفَلٍ ‏"‏ اقْرَأْ ‏{‏ قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ ‏}‏ ثُمَّ نَمْ عَلَى خَاتِمَتِهَا فَإِنَّهَا بَرَاءَةٌ مِنَ الشِّرْكِ ‏"‏ ‏.‏
Farwah b. Nawfal quoted his father as saying that the Prophet (ﷺ) said to Nawfal (his father):Recite (the Surah) 'Say, O you disbelievers!' and then go to sleep at its end, for it is a declaration of freedom from polytheism
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।