حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ عِكْرِمَةَ بْنِ عَمَّارٍ، عَنْ إِيَاسِ بْنِ سَلَمَةَ بْنِ الأَكْوَعِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ رَجُلاً، عَطَسَ عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ لَهُ " يَرْحَمُكَ اللَّهُ " . ثُمَّ عَطَسَ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم " الرَّجُلُ مَزْكُومٌ " .
Salamah b. al-Akwa said :when a man sneezed beside the prophet (May peace be upon him), he said to him : Allah have mercy on you, but when he sneezed again, he said : The man has a cold in the head
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
Sahih Muslim (2993)Zubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।