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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5011

नंबर 5011किताब 43, नंबर 239
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ جَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَجَعَلَ يَتَكَلَّمُ بِكَلاَمٍ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ مِنَ الْبَيَانِ سِحْرًا وَإِنَّ مِنَ الشِّعْرِ حُكْمًا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: A desert Arab came to the Prophet (ﷺ) and began to speak. Thereupon the Messenger of Allah (ﷺ) said: In eloquence there is magic and in poetry there is wisdom
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।