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सुनन अबू दाऊद

नंबर 5001

नंबर 5001किताब 43, नंबर 229
حَدَّثَنَا صَفْوَانُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي الْعَاتِكَةِ، قَالَ إِنَّمَا قَالَ أَدْخُلُ كُلِّي ‏.‏ مِنْ صِغَرِ الْقُبَّةِ ‏.‏
‘Uthman b. Abu 'Atikah said :The only reason why he asked whether the whole of him should come in was because of the smallness of the tent
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif Isnaad MaqtuAl-Albani
  • Daif Isnaad MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।