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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4995

नंबर 4995किताब 43, नंबर 223
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ طَهْمَانَ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ عَبْدِ الأَعْلَى، عَنْ أَبِي النُّعْمَانِ، عَنْ أَبِي وَقَّاصٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا وَعَدَ الرَّجُلُ أَخَاهُ - وَمِنْ نِيَّتِهِ أَنْ يَفِيَ لَهُ - فَلَمْ يَفِ وَلَمْ يَجِئْ لِلْمِيعَادِ فَلاَ إِثْمَ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Zayd ibn Arqam: The Prophet (ﷺ) said: When a man makes a promise to his brother with the intention of fulfilling it and does not do so, and does not come at the appointed time, he is guilty of no sin
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।