सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 4984

नंबर 4984किताब 43, नंबर 212
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَبِيدٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَغْلِبَنَّكُمُ الأَعْرَابُ عَلَى اسْمِ صَلاَتِكُمْ أَلاَ وَإِنَّهَا الْعِشَاءُ وَلَكِنَّهُمْ يُعْتِمُونَ بِالإِبِلِ ‏"‏ ‏.‏
Ibn ‘Umar reported the prophet (May peace be upon him) as saying:The desert Arabs may not dominate you in respect of the name of your prayer. Beware! It is al-`Isha, but they milk their camels when it is fairly dark
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (644)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।