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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4976

नंबर 4976किताब 43, नंबर 204
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، أَنَّ أَبَا يُونُسَ، حَدَّثَهُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، فِي هَذَا الْخَبَرِ وَلَمْ يَذْكُرِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ وَلْيَقُلْ سَيِّدِي وَمَوْلاَىَ ‏"‏ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Abu Hurairah through a different chain of narrators. This version does not mention the Prophet (May peace be upon him) i.e, it does not go back to him. It has :He must say: “My master” (sayyidi) and “My patron” (mawlaya)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।