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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4971

नंबर 4971किताब 43, नंबर 199
حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ الْحَضْرَمِيُّ، - إِمَامُ مَسْجِدِ حِمْصٍ - حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ، عَنْ ضُبَارَةَ بْنِ مَالِكٍ الْحَضْرَمِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ أَسِيدٍ الْحَضْرَمِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ كَبُرَتْ خِيَانَةً أَنْ تُحَدِّثَ أَخَاكَ حَدِيثًا هُوَ لَكَ بِهِ مُصَدِّقٌ وَأَنْتَ لَهُ بِهِ كَاذِبٌ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Sufyan ibn Asid al-Hadrami: I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: It is great treachery that you should tell your brother something and have him believe you when you are lying
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।