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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4964

नंबर 4964किताब 43, नंबर 192
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا ح، وَحَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، وَمُحَمَّدُ بْنُ مَحْبُوبٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، - وَسَمَّاهُ ابْنُ مَحْبُوبٍ الْجَعْدَ - عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ لَهُ ‏ "‏ يَا بُنَىَّ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ سَمِعْتُ يَحْيَى بْنَ مَعِينٍ يُثْنِي عَلَى مُحَمَّدِ بْنِ مَحْبُوبٍ وَيَقُولُ كَثِيرُ الْحَدِيثِ ‏.‏
Narrated Anas bin Malik: The Prophet (ﷺ) said to him: My sonny. Abu Dawud said: I heard Yahya b. Ma'in praising the transmitter Muhammad b. Mahbub, and he said: He transmitted a large number of traditions
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2151)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।