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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4950

नंबर 4950किताब 43, नंबर 178
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ سَعِيدٍ الطَّالْقَانِيُّ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُهَاجِرِ الأَنْصَارِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي عَقِيلُ بْنُ شَبِيبٍ، عَنْ أَبِي وَهْبٍ الْجُشَمِيِّ، وَكَانَتْ، لَهُ صُحْبَةٌ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ تَسَمَّوْا بِأَسْمَاءِ الأَنْبِيَاءِ وَأَحَبُّ الأَسْمَاءِ إِلَى اللَّهِ عَبْدُ اللَّهِ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ وَأَصْدَقُهَا حَارِثٌ وَهَمَّامٌ وَأَقْبَحُهَا حَرْبٌ وَمُرَّةُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuWahb al-Jushami: The Prophet (ﷺ) said: Call yourselves by the names of the Prophets. The names dearest to Allah are Abdullah and AbdurRahman, the truest are Harith and Hammam, and the worst are Harb and Murrah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।