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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4942

नंबर 4942किताब 43, नंबर 170
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، قَالَ حَدَّثَنَا ح، وَحَدَّثَنَا ابْنُ كَثِيرٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، قَالَ كَتَبَ إِلَىَّ مَنْصُورٌ - قَالَ ابْنُ كَثِيرٍ فِي حَدِيثِهِ وَقَرَأْتُهُ عَلَيْهِ وَقُلْتُ أَقُولُ حَدَّثَنِي مَنْصُورٌ فَقَالَ إِذَا قَرَأْتَهُ عَلَىَّ فَقَدْ حَدَّثْتُكَ بِهِ ثُمَّ اتَّفَقَا - عَنْ أَبِي عُثْمَانَ مَوْلَى الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا الْقَاسِمِ الصَّادِقَ الْمَصْدُوقَ صلى الله عليه وسلم صَاحِبَ هَذِهِ الْحُجْرَةِ يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تُنْزَعُ الرَّحْمَةُ إِلاَّ مِنْ شَقِيٍّ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: I heard AbulQasim (ﷺ) who spoke the truth and whose word was verified say: Mercy is taken away only from him who is miserable
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।