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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4918

नंबर 4918किताब 43, नंबर 146
حَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْمُؤَذِّنُ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ، - يَعْنِي ابْنَ بِلاَلٍ - عَنْ كَثِيرِ بْنِ زَيْدٍ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ رَبَاحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْمُؤْمِنُ مِرْآةُ الْمُؤْمِنِ وَالْمُؤْمِنُ أَخُو الْمُؤْمِنِ يَكُفُّ عَلَيْهِ ضَيْعَتَهُ وَيَحُوطُهُ مِنْ وَرَائِهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: The believer is the believer's mirror, and the believer is the believer's brother who guards him against loss and protects him when he is absent
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।