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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4915

नंबर 4915किताब 43, नंबर 143
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ حَيْوَةَ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ الْوَلِيدِ بْنِ أَبِي الْوَلِيدِ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ أَبِي أَنَسٍ، عَنْ أَبِي خِرَاشٍ السُّلَمِيِّ، أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ هَجَرَ أَخَاهُ سَنَةً فَهُوَ كَسَفْكِ دَمِهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuKhirash as-Sulami: AbuKhirash heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: If one keeps apart from his brother for a year, it is like shedding his blood
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।