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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4895

नंबर 4895किताब 43, नंबर 123
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَفْصٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي، حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ طَهْمَانَ، عَنِ الْحَجَّاجِ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عِيَاضِ بْنِ حِمَارٍ، أَنَّهُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ أَوْحَى إِلَىَّ أَنْ تَوَاضَعُوا حَتَّى لاَ يَبْغِيَ أَحَدٌ عَلَى أَحَدٍ وَلاَ يَفْخَرَ أَحَدٌ عَلَى أَحَدٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Iyad ibn Himar (al-Mujashi'i): The Prophet (ﷺ) said: Allah has revealed to me that you must be humble, so that no one oppresses another and boasts over another
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।