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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4886

नंबर 4886किताब 43, नंबर 114
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ ثَوْرٍ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ أَيَعْجَزُ أَحَدُكُمْ أَنْ يَكُونَ، مِثْلَ أَبِي ضَيْغَمٍ - أَوْ ضَمْضَمٍ شَكَّ ابْنُ عُبَيْدٍ - كَانَ إِذَا أَصْبَحَ قَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي قَدْ تَصَدَّقْتُ بِعِرْضِي عَلَى عِبَادِكَ ‏.‏
Narrated Qatadah: Is one of you helpless to be like AbuDaygham or Damdam (Ibn Ubayd is doubtful) who would say when morning came: O Allah, I gave my honour as alms to Thy servants?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MaqtuAl-Albani
  • Sahih MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।