सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 4850

नंबर 4850किताब 43, नंबर 78
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ الْحَفَرِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا صَلَّى الْفَجْرَ تَرَبَّعَ فِي مَجْلِسِهِ حَتَّى تَطْلُعَ الشَّمْسُ حَسْنَاءَ ‏.‏
Jabir b. Samurah said:When the Prophet (ﷺ) prayed the dawn prayer, he sat cross-legged where he was till the sun had come well up
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (670)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।