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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4844

नंबर 4844किताब 43, नंबर 72
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، وَأَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، - الْمَعْنَى - قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، حَدَّثَنَا عَامِرٌ الأَحْوَلُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، - قَالَ ابْنُ عَبْدَةَ - عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يُجْلَسُ بَيْنَ رَجُلَيْنِ إِلاَّ بِإِذْنِهِمَا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: The Messenger of Allah (ﷺ) said: One should not sit between two men except with their permission
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।