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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4835

नंबर 4835किताब 43, नंबर 63
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، حَدَّثَنَا بُرَيْدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ جَدِّهِ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا بَعَثَ أَحَدًا مِنْ أَصْحَابِهِ فِي بَعْضِ أَمْرِهِ قَالَ ‏ "‏ بَشِّرُوا وَلاَ تُنَفِّرُوا وَيَسِّرُوا وَلاَ تُعَسِّرُوا ‏"‏ ‏.‏
Abu Musa reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying:Gladden people and do not scare them; make things easy and do not make them difficult
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1732)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।