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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4830

नंबर 4830किताब 43, नंबर 58
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، - الْمَعْنَى - ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، عَنْ أَبِي مُوسَى، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا الْكَلاَمِ الأَوَّلِ إِلَى قَوْلِهِ ‏ "‏ وَطَعْمُهَا مُرٌّ ‏"‏ ‏.‏ وَزَادَ ابْنُ مُعَاذٍ قَالَ قَالَ أَنَسٌ وَكُنَّا نَتَحَدَّثُ أَنَّ مَثَلَ جَلِيسِ الصَّالِحِ وَسَاقَ بَقِيَّةَ الْحَدِيثِ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Abu Musa from the Prophet (ﷺ) through a different chain of narrators up to “and its taste bitter”. Ibn Mu`adh added:Anas said: We used tell one another that a good companion is like... He then transmitted the rest of the tradition
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (5059) Sahih Muslim (797)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।